मेरा नाम सुन के मुस्कुराते हैं
मेरा नाम सुन के मुस्कुराते हैं
या फिर लोग खफा हो जाते हैं
कुछ तो अलहदा होगा मुझमे
लोग यूँ ही नहीं खिचे आते हैं
अपनों का सुःख दुःख मेरा है
सब अपनी बात बता जाते हैं
मुकेश नेकियाँ भूल कर सभी
वक़्त पे गलतियाँ गिनाते हैं
मुकेश इलाहाबादी -----
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