सिलसिला बनाये रखिये

सिलसिला बनाये रखिये
दोस्ती  निभाए   रखिये
हार गए हो तो भी क्या
हौसला  बनाये  रखिये
फल  मिले  या न मिले
प्रेम पौध लगाये रखिये  
भले कोई कांटे बोता रहे
आप फूल खिलाये रखिये
मुकेश इलाहबदी ------

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