जब अँधेरा घना होता है
जब अँधेरा घना होता है
साया भी जुदा होता है
डाल से बिछड़ के फूल
फिर जाने कहाँ होता है
पास माँ और गुब्बारा हो
खुश तब बच्चा होता है
सावन के अंधे के लिए
चारों तरफ हरा होता है
मुकेश चराग़ के तले तो
हमेशा ही अँधेरा होता है
मुकेश इलाहाबादी -----
Comments
Post a Comment