लड़की ने लिखा

लड़की ने
लिखा
बड़ा
खूब बड़ा
आकाश
आकाश में उड़ती
चिड़िया
रंग बिरंगी
तितली,
फिर लिखा
झूला
झरना
हंसी - ठिठोली
पो शम्पा भई  -पो शम्पा
और फिर
खिलाये
रात रानी,
रजनी गंधा,
चंपा - चमेली
होठों पे मुस्कान
गालों पे टेसू के फूल 
आगे लड़की
कुछ और
लिखती
इसके पहले
तेज़ हवा
और समंदर की
लहरों ने
मिटा दिया
रेत् पे लिखी
खूबसूरत नज़्म को

मुकेश इलाहाबादी ---

मुकेश इलाहाबादी ---

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है