ग़ज़ल में गीतों में बातों में रवानी तेरी है

ग़ज़ल में गीतों में बातों में  रवानी तेरी है
मेरी रूह मेरी सांस मेरी ज़िंदगानी तेरी है

ये फूल ये खुश्बू ये गुलशन ये चाँद सितारे 
हर गली हर कूंचे हर शह्र में कहानी तेरी है

परियों के हूरों के जो किस्से हैं किताबों में
अयां  इनमे हुस्न, दरअस्ल जवानी तेरी है

ये हया , ये अदा ये , जान लेवा तेरे नखरे
जुदा है तू सबसे,जो दुनिया दीवानी तेरी है 

मुकेश इलाहाबादी ---------------------------

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