पंख अपने नोच कर
पंख अपने नोच कर
फेंक दिया तोड़ कर
जा रहा हूँ दोस्त मै
शहर तेरा छोड़ कर
रख लिया है, जेब में
चिट्ठी तेरी मोड़ कर
मुकेश इलाहाबादी ---
फेंक दिया तोड़ कर
जा रहा हूँ दोस्त मै
शहर तेरा छोड़ कर
रख लिया है, जेब में
चिट्ठी तेरी मोड़ कर
मुकेश इलाहाबादी ---
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