हैरान परेशान रहा करता है



हैरान  परेशान  रहा  करता है 
तेरे लिए जी हलकान रहता है 

तू रहती है तो आबाद रहता है 
वर्ना ये मकान वीरान रहता है 


मुकेश इलाहाबादी --------------

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है