यूँ तो उसने मुझसे रंजिश रक्खा बहुत

यूँ तो उसने मुझसे रंजिश रक्खा बहुत
फिर भी मिला तो लिपट के रोया बहुत

पहले तो, हिचकियाँ ले रोता रहा, फिर
अपने बारे में कहा,मेरा भी सुना बहुत

उसकी आँखे झील व निगाहें शिकारा
पहलु -ऐ - कश्मीर  में  मै रहा  बहुत

मुकेश इलाहाबादी ---------------------

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