हवा में खुशबू फ़िज़ाओं में रंग भर जाते हैं

हवा में खुशबू फ़िज़ाओं में रंग भर जाते हैं
आप आते हो तो हम खुशी से झूम जाते हैं

पहले हमको स्याह रंग से बड़ी मुहब्बत थी
आप से मिल के गुलाबी और लाल भाते हैं

असल वज़ह तो हमको मालूम नहीं मुकेश
आप के जाने के बाद देर तक मुस्कुराते हैं

मुकेश इलाहाबादी -----------------------

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