महसूसना

 स्त्री

देखना और
महसूसना चाहती थी
पुरुष
छूना और
महसूसना चाहता था
देखने और छूने के बीच
महसूसना पुल न बन सका
स्त्री और पुरुष के बीच
ये खाई
आज भी मौजूद है
मुकेश इलाहाबादी,,,

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