या तो दिल से साथ चलना चाहिए

 या तो दिल से साथ चलना चाहिए 

या साथ पसंद नहीं कहना चाहिए 


मन में मलाल ले कर साथ रहो  

बेहतर रास्ता बदल लेना चाहिए 


जो दुःख सुख के साथी नहीं उन्हें   

अपनी डायरी से हटा देना चाहिए 


यादें अगर हर वक़्त दर्द देती है  

बेहतर है उन्हें भुला देना चाहिए 


कोइ प्यारा दोस्त रूठ गया है तो 

उसे हर हाल मना में लेना चाहिए 


मुकेश इलाहाबादी --------------






Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है