धीमे बहते पानी का दर्द

 धीमे बहते पानी का दर्द

कुछ पानी इतना धीमा बहता है

कि लगता है जैसे समय ठहर गया हो।


ऐसे पानी में

यादें तैरती नहीं—

बस बैठ जाती हैं तल में

रेत की तरह।


और फिर कोई भी कदम

उन्हें हिला देता है

जैसे कोई पुराना ज़ख़्म

फिर से खुल गया हो।


मुकेश ,,,,,,,,,,

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