होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Friday, 15 May 2026

सुबह होने तक

 “सुबह होने तक

पूरी ट्रेन

किसी दूसरी दिशा में लग चुकी थी।”

मुकेश ,,

No comments:

Post a Comment