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Saturday, 16 May 2026

छत पर पतंग

 छत पर पतंग

शाम ढलने के बाद भी

एक पतंग

छत के ऊपर

अटकी रही।


डोर

किसी और मकान में

गिर चुकी थी।


मुकेश ,,,,,,,,,,,

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