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Friday, 15 May 2026

सत्रहवाँ तमाशा - आधे-अधूरे प्रेम का तमाशा

 सत्रहवाँ तमाशा - आधे-अधूरे प्रेम का तमाशा


कुछ लोग

कभी पूरी तरह प्रेम नहीं करते।


वे

बस

थोड़ा-सा साथ,

थोड़ा-सा स्नेह,

और बहुत-सी अनुपस्थिति छोड़ जाते हैं।


फिर वर्षों बाद भी

उनकी याद

पूरी नहीं जाती।


अधूरा प्रेम

अक्सर

पूर्ण प्रेम से लंबी उम्र पाता है।


मुकेश ,,,,,,,,,,

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