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Sunday, 10 May 2026

कुछ लोग कभी नहीं जाते

 कुछ लोग कभी नहीं जाते


कुछ लोग

ज़िंदगी से चले जाते हैं,

मगर पूरी तरह नहीं जाते।


वे रह जाते हैं

किसी पुराने गीत की तरह,

जो अचानक

किसी सुनसान शाम

हवा में बज उठता है।


मैंने तुम्हें

भूलने की बहुत कोशिश की थी।


तुम्हारा नाम

अपने होंठों से हटाया,

तुम्हारी तस्वीरें

दराज़ों के नीचे रख दीं,

तुमसे जुड़ी बातों पर

हँसना भी सीख लिया।


मगर यादें…

यादें बहुत ज़िद्दी होती हैं।


वे

कभी बारिश बनकर लौटती हैं,

कभी किसी इत्र की ख़ुशबू में,

कभी किसी अजनबी की आवाज़ में।


और कभी-कभी

बिना किसी वजह के

सिर्फ़ दिल के भारी हो जाने में।


अब मैं समझता हूँ

मोहब्बत का अंत

अलग हो जाना नहीं होता,

बल्कि

उस एहसास के साथ जीना सीख लेना होता है

जो कभी पूरा नहीं हुआ।


तुम्हारे जाने के बाद

मैंने अपने भीतर

एक कमरा बंद कर दिया था।


वहाँ

अब भी तुम्हारी हँसी रखी है,

कुछ अधूरी बहसें,

कुछ नाराज़ ख़ामोशियाँ,

और वो सपना

जिसे हमने

बहुत मासूमियत से देखा था।


कोई उस कमरे तक नहीं पहुँचता।


मैं भी नहीं।


मगर कभी-कभी

रात बहुत गहरी हो जाए

तो उसकी दीवारों से

तुम्हारी आवाज़ आने लगती है।


और तब लगता है

कुछ लोग

जिस्म से चले जाते हैं,

मगर रूह से कभी नहीं जाते।


मुकेश ,,,,,,,,,

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