“यह उस मनुष्य का रोज़नामचा है जो समय की दौड़ से थोड़ा बाहर खड़ा है और साधारण दिनों में असाधारण अर्थ खोजता है।”
सर्द रात का वेटिंग रूम
सर्द रात में
वेटिंग रूम की बेंचें
और ठंडी हो जाती हैं।
लोग कंबलों में नहीं,
एक-दूसरे की मौजूदगी में
थोड़ी गरमी ढूँढ़ते हैं।
मुकेश ,,,,,,,,
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