प्रेम की जनगणना
इस वर्ष की जनगणना में
एक नया कॉलम जोड़ा गया है—
"क्या आप प्रेम करते हैं?"
लोग घबरा गए।
किसी ने लिखा— "नहीं"
हालाँकि रात भर
वह एक ही नाम सोचता रहा।
किसी ने लिखा— "कभी नहीं"
और जवाब भरते समय
उसकी उँगलियाँ काँप रही थीं।
किसी ने कॉलम खाली छोड़ दिया।
उसे मालूम था
कि प्रेम का सही उत्तर
सरकारी काग़ज़ों में नहीं समाता।
शाम तक
सारे आँकड़े जमा हो गए।
रिपोर्ट छपी।
देश में प्रेम करने वालों की संख्या—
शून्य।
उसी रात
अस्पतालों में जन्मे
हज़ारों बच्चों ने
माँ की उँगली पकड़ ली।
और सरकारी आँकड़े
एक बार फिर
झूठे साबित हुए।
मुकेश ,,,,,,,,
No comments:
Post a Comment