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Monday, 4 May 2026

अजीब तरह से एक-दूसरे की ख़बर रखते हैं,

 अजीब तरह से एक-दूसरे की ख़बर रखते हैं,

हम दूर रहकर भी दिल में तेरा असर रखते हैं।


न मिल सके तो ये मतलब नहीं कि भूल गए,

हम अपनी रूह में तेरी ही इक नज़र रखते हैं।


कभी जो याद की बारिश दिलों पे होती है,

हम अपने सीने में भीगा-सा एक सफ़र रखते हैं।


ख़ामोश लब हैं मगर दिल में शोर रहता है,

हम अपने अंदर कई किस्म का हुनर रखते हैं।


तेरे ख़याल से रौशन है ज़िंदगी अपनी,

हम इस उजाले में हर लम्हा एक पहर रखते हैं।


ये लोग कहते हैं कमज़ोर है तअल्लुक़ ये,

उन्हें क्या ख़बर कि हम कितना असर रखते हैं।


'मुकेश' इस रिश्ते को लफ़्ज़ों में बाँधना मुश्किल,

हम अपने दिल में इसे उम्र भर रखते हैं।


मुकेश ,,,,,,,,,,

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