“यह उस मनुष्य का रोज़नामचा है जो समय की दौड़ से थोड़ा बाहर खड़ा है और साधारण दिनों में असाधारण अर्थ खोजता है।”
किसी ने हाल न पूछा तो मलाल ऐसा भी नहीं,
मगर ये दुख है कि लोगों को ख़बर तक न हुई।
मुकेश ,,,,,,,,,,
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