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Friday, 5 June 2026

जितना मैं आगे बढ़ता गया

 सबसे अजीब यह था

कि जितना मैं आगे बढ़ता गया
उतना ही पीछे छूटता गया

जैसे यात्रा किसी स्थान की नहीं
बल्कि किसी समय की हो

और मैं हर मोड़ पर
अपने ही किसी पुराने संस्करण से मिलकर
आगे निकल जाता हूँ

बिना अलविदा कहे।

मुकेश ,,,,,,,,,,

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