जड़
पेड़ का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह है जो दिखाई नहीं देता।
फूल दिखाई देते हैं, पत्तियाँ हवा में लहराती हैं, फल आकर्षित करते हैं। लेकिन जड़ मिट्टी के अंधेरे में रहती है। बिना किसी प्रशंसा, बिना किसी पहचान के।
शायद इसी कारण वह जड़ है।
जो जितना गहरा होता है, वह उतना ही कम दिखाई देता है।
मनुष्य का भी यही सत्य है। उसके शब्द नहीं, उसकी जड़ें उसे थामे रहती हैं—उसके संस्कार, उसकी चुप्पियाँ, उसके विश्वास, उसके भीतर की वह अनदेखी भूमि जहाँ से उसका समूचा व्यक्तित्व जन्म लेता है।
जब जड़ें मज़बूत होती हैं, तब आँधियाँ केवल शाखाओं को हिलाती हैं।
पेड़ नहीं गिरता।
जड़ को देखते हुए लगता है कि जीवन में ऊँचा उठने से पहले गहरा उतरना सीखना चाहिए।
क्योंकि आकाश तक वही पहुँचता है, जिसने पहले धरती को स्वीकार किया हो।
मुकेश ,,,,,,,,,
No comments:
Post a Comment