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Tuesday, 2 June 2026

मरम्मत

  मरम्मत

मैं घर की मरम्मत करता रहा।

दीवारें रंगीं,

दरवाज़े बदले,

छत ठीक करवाई।

बस एक चीज़

मरम्मत के बाहर रह गई

वे रिश्ते,

जिनमें धीरे-धीरे

बारिश टपकने लगी थी।

मुकेश ,,,,,,,,,,

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