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Monday, 8 June 2026

पंचायत बनाम चिड़िया

  पंचायत बनाम चिड़िया

उस दिन पंचायत बैठी थी

बहुत गंभीर मामला था।

आरोप था

कि एक लड़का और एक लड़की

बारिश देख रहे थे साथ-साथ।

गवाह थे

दो आम के पेड़,

एक कुआँ

और आधा चाँद।

पंचों ने कहा—

यह परम्परा के खिलाफ़ है।

चाँद को चेतावनी दी गई

कि आगे से

प्रेमियों पर रोशनी न डाले।

हवा को नोटिस भेजा गया

कि वह ख़तों की खुशबू

एक घर से दूसरे घर न पहुँचाए।

एक चिड़िया ने

कार्यवाही के बीच कहा—

"लेकिन प्रेम तो..."

इतना सुनना था कि

उसे असामाजिक तत्व घोषित कर दिया गया।

अगले दिन

गाँव के सारे पेड़ उदास थे।

नदी चुप थी।

सरकंडों ने सिर झुका लिया था।

और खेतों में

गेहूँ की बालियाँ

ऐसे काँप रही थीं

जैसे किसी लड़की ने

पहली बार

अपना नाम प्रेम के साथ लिखा हो।

पंचायत जीत गई।

चिड़िया हार गई।

मगर उसी रात

आकाश में

हज़ारों चिड़ियाँ उड़ती दिखीं।

कहते हैं

प्रेम जब मारा जाता है

तो परिंदों के रूप में

वापस लौटता है।


मुकेश ,,,,,,,,

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