“यह उस मनुष्य का रोज़नामचा है जो समय की दौड़ से थोड़ा बाहर खड़ा है और साधारण दिनों में असाधारण अर्थ खोजता है।”
सूची
एक दिन मैंने
अपने जीवन की सूची बनाई।
किताबें थीं,
पुराने काग़ज़ थे,
कुछ तस्वीरें थीं,
कुछ पुरस्कार भी।
बहुत देर बाद याद आया
मुकेश ,,,,,,,,,,
जिनके लिए यह सब जमा किया था,
उनके नाम
सूची में कहीं नहीं थे।
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