“यह उस मनुष्य का रोज़नामचा है जो समय की दौड़ से थोड़ा बाहर खड़ा है और साधारण दिनों में असाधारण अर्थ खोजता है।”
सोचो तो ऐसे
जैसे किसी ऐप में डिफ़ॉल्ट सेटिंग बदलनी हो
और जो सोच में न आए उसे क्लाउड में सेव कर दो बाद में काम आएगा शायद
मुकेश ,,,,,,,,,,
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