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Monday, 8 June 2026

विकास और प्रेम

 

विकास और प्रेम

सड़क चौड़ी की जानी थी।

नक़्शा बन चुका था।

बुलडोज़र तैयार खड़े थे।

सबसे पहले

वह पीपल काटा गया

जिस पर

एक लड़के ने कभी लिखा था—

"मैं उसे चाहता हूँ।"

फिर वह पोखर भरा गया

जिसमें

एक लड़की ने

अपना चेहरा देखकर

प्रेम का पहला अर्थ समझा था।

नगर विकास अधिकारी ने कहा—

"अब यहाँ प्रगति होगी।"

सचमुच प्रगति हुई।

मॉल बना।

फ़्लैट बने।

पार्किंग बनी।

बस

उस पूरे इलाके में

किसी को

किसी की प्रतीक्षा करना

याद नहीं रहा।

मुकेश ,,,,,,,,

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