सुबह निकलो तो
सुबह निकलो
तो चेहरे पर
थोड़ी-सी सफलता लगाकर निकलो।
थकान घर पर छोड़ दो—
उसे देखकर कौन प्रभावित होगा?
ऑफिस पहुँचो
तो मुस्कुराओ
भले ही भीतर
कोई रोज़ इस्तीफ़ा लिख रहा हो।
बॉस के सामने
विचार रखो
मगर इतने ही
कि उनके विचारों से टकराएँ नहीं।
दोस्त से मिलो
तो पूछो—
“सब बढ़िया?”
और उसके जवाब का इंतज़ार मत करो।
सोशल मीडिया पर
एक तस्वीर डालो
जिसमें तुम मुस्कुरा रहे हो।
लोग समझेंगे
तुम सुखी हो।
शाम को लौटो
तो आईने के सामने
कुछ देर खड़े रहो।
देखो—
चेहरा वही है
जिसे सुबह लेकर निकले थे?
अगर हाँ,
तो समझो
तुमने आज भी
शहर में आदमी होने की परीक्षा
पास कर ली।
और अगर चेहरा बदल गया हो—
तो उसे जल्दी से धो लेना।
कल फिर
काम पर जाना है।
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