गुलाल बन के महफ़िल में आपही उड़े होगे

गुलाल बन के महफ़िल में आपही उड़े होगे
वरना शाम बड़ी उदास उदास और सादी थी
मुकेश इलाहाबादी ----------------------------

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बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है