तुम फूलों की तरह खिलना

तुम फूलों की तरह खिलना मै - भौंरे की तरह मँडराऊँगा मुकेश इलाहाबादी -----

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

हरिवंश पुराण - तृतीय खंड — भाग 26 - द्वारका का विस्तार

हरिवंश पुराण - भाग ३० — बाणासुर :