हारी हुई बाजियां हमको देती हैं तसल्लियाँ ,,,,





हारी हुई बाजियां हमको देती हैं तसल्लियाँ ,,,,
खेल तो बेहतर था, बसचालाकियां न थी हममे
मुकेश इलाहाबादी ------------------------------

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