होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Saturday, 12 August 2017

बस यही इक अच्छी बात है

बस
यही इक अच्छी बात है
तुम मुस्कुराती बहुत प्यारा हो
तुम्हारी आँखे
तुम्हारे गाल
तुम्हारे मूंगिया होंठ सभी कुछ
हँसते हुए नज़र आते हैं

और जब तुम हँसती हो तो
सारी क़ायनात खुश हो जाती है

ओ मेरी
थोड़ी थोड़ी मगरूर
थोड़ी थोड़ी नखरीली
पर प्यारी सी डॉल

चाहे कुछ भी कहो तुम हो बहुत प्यारी

मुकेश इलाहाबादी -----------------

No comments:

Post a Comment