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Thursday, 1 September 2016

आ इक गुनाह हम भी कर लें

आ इक गुनाह हम भी कर लें
थोड़ा सा प्यार हम भी कर लें
ईश्क़ इक खूबसूरत दरिया है
ये, दरिया पार हम भी कर लें
दीवानो  की फेहरिश्त में नाम
अपना शुमार हम भी कर लें

मुकेश इलाहाबादी ------------

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