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Monday, 27 April 2026

तुम्हें अपने मूंगिया होंठों के लिए

 सुनो

मुझे मालूम है,

तुम्हें अपने मूंगिया होंठों के लिए

मूंगिया शेड की ही लिपस्टिक पसंद है…


जैसे तुम

खुद को छुपाती नहीं,

बस थोड़ा-सा उभारती हो

जितना तुम्हारा स्वभाव है,

उतना ही रंग रखती हो।


तुम्हारे होंठों पर

वो मूंगिया आभा

किसी बनावट की तरह नहीं,

किसी स्वीकृति की तरह लगती है

जैसे तुमने अपने ही रंग को

थोड़ा और गहरा कर लिया हो।


मैंने देखा है

तुम जब उसे लगाती हो,

तो आईने में खुद को नहीं,

किसी भीतर की शांति को देखती हो,

जैसे कोई नदी

अपने ही पानी को पहचान रही हो।


और सच कहूँ

तुम पर वो रंग

अलग से नहीं ठहरता,

तुम्हारे साथ बहता है

तुम्हारी बातों में,

तुम्हारी खामोशियों में,

तुम्हारी आधी मुस्कानों में…


तुम्हें शायद अंदाज़ा नहीं,

पर वो मूंगिया शेड

तुम्हारे होंठों पर नहीं,

तुम्हारी पूरी मौजूदगी पर होता है


एक हल्की-सी गर्माहट,

एक सधी हुई चमक,

जो दूर से नहीं,

पास आकर ही समझ आती है।


सुनो

तुम्हें सजने की ज़रूरत नहीं,

तुम तो बस

अपने ही रंग को दोहराती हो…


मुकेश ,,,,,,,,,,,,

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