हवाओं में हरदम ही सफ़र करता रहा

हवाओं में हरदम ही सफ़र करता रहा
फलक में मील का पत्थर ढूंढता रहा
इक मुकम्मल जन्हा  की  तलाश में
उम्र भर दर - बदर भटकता रहा ----
मुकेश इलाहाबादी ---

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