होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक
कुछ कह तो नहीं सकते, पर तकलीफ बहुत होती है,,,
कुछ कह तो नहीं सकते, पर तकलीफ बहुत होती है,,,
चाहत पे हमारी जब आप फक्त मुस्कुरा के चल देते हैं
मुकेश इलाहाबादी --------------------------------------
No comments:
Post a Comment