इंतज़ार ऊम्र भर का, चंद लम्हों की मुलाक़ात,,




इंतज़ार  ऊम्र भर का, चंद लम्हों की मुलाक़ात,,
हमको तो फिर भी ये सौदा सस्ता लगा मुकेश
मुकेश इलाहाबादी --------------------------

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