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Thursday, 27 August 2015

जब हम तुम मिलेंगे


जब हम तुम मिलेंगे

खूब सारी बातें करेंगे


हाथों में हाथ लेकर
छोटी छोटी बातों पर


दूर तक घूमा करेंगे
देर शाम घूमा करेंगे


लड़ेंगे, रोयेंगे, हँसेंगे

गांव के सीवान तक

रिम झिम बारिस में
हिलेंगे मिलेंगे भीगेंगे 



मुकेश इलाहाबादी ---

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