समंदर बादल बन जाये तो भी क्या होगा

समंदर बादल बन जाये तो भी क्या होगा
कुछ  दिन बारिश होगी फिर  सूखा होगा

आज तुम मेरे घर आये तो रौशनी सी है
तेरे जाने के बाद फिर गुप्प अँधेरा होगा

तुमने हाले दिल पुछा, साँस चलने लगी
तुम्हारे जाने के बाद न जाने क्या होगा?

रात महताब रो रहा था सितारे रो रहे थे
फ़लक़ से ज़रूर कोई सितारा टूटा होगा ?

यूँ तो फितरत नहीं मुकेश की रोने की,
ज़रूर किसी ने दिल उसका दुखाया होगा

मुकेश इलाहाबादी ---------------------------

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