होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Wednesday, 14 December 2016

ज़माने भर के तज़ुर्बे ने हमको भी कमीना बना दिया

ज़माने भर के तज़ुर्बे ने हमको भी कमीना बना दिया
वरना मुकेश हम भी कभी बड़े मासूम हुआ करते थे
मुकेश इलाहाबादी ---------------------------------------

No comments:

Post a Comment