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Monday, 24 July 2017

लड़की अकेली रोती है

प्रेम
में लड़की हंसती है तो
हँसता है
हँसता है आसमान
खिलते हैं फूल
मुस्कुराता है चाँद
खुश होती है क़ायनात

पर
प्रेम में धोखा खाती है
तो न आसमान हँसता है
न फूल खिलते हैं
न मुस्कुराता है चाँद

तब लड़की अकेली रोती है

मुकेश इलाहाबादी ------------

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