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Monday, 25 March 2019

दिल मोम होता पिघला के दूसरा बना लेते

दिल मोम होता पिघला के दूसरा बना लेते
टूट जाता तो किसी और से दिल लगा लेते 

तुम्हारे पास बहुत बहाने हैं हंसने हंसाने को
हमसे भी कभी मिलते हम भी हंस हँसा लेते

कई किस्से तुम्हारे पास हैं कई मेरे पास भी
मिलो बैठो अपना सुख दुःख सुन सुना लेते

ये बेहद की बेरुखी अच्छी नहीं लगती  मुक्कू
नाराज़गी वजह बताते हम हरगिज़ मना लेते

इतने नज़दीक आ के झटके से तुम हट गईं
अगर कुछ और पास आ जाते तो बोसा लेते


मुकेश इलाहाबादी ---------------------------

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