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Thursday, 26 February 2026

तुम्हारी आँखों के इंद्रधनु

 मैं तुम्हारी आँखों के

इंद्रधनुष में नहीं हूँ,

ये बात

मैं जानता हूँ।

फिर भी

हर बारिश के बाद

मैं तुम्हारी आँखों में

झाँक लेता हूँ—

शायद इस उम्मीद में

कि किसी रंग की ओट में

मेरा नाम

थोड़ी देर

ठहर गया हो।

मुकेश,,, 

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