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Thursday, 26 February 2026

आधी रात की हवा और तुम्हारा ख़याल

 आधी रात की हवा और तुम्हारा ख़याल

आधी रात की हवा

जब चलती है,

तो तुम्हारा ख़याल

बिना इजाज़त

दिल में उतर आता है।

न आवाज़ देता है,

न सवाल करता है—

बस

थोड़ी देर

सुकून बनकर

ठहर जाता है।


मुकेश,, 

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