1.
धूप के मोती
हथेलियों पर ठहरते नहीं,
बस एहसास बनकर
चमक जाते हैं…
2.
कुछ धूप के मोती
आँखों में गिर पड़े थे,
तभी से दुनिया
थोड़ी उजली लगती है…
3.
धूप के मोती
रोज़ बिखरते हैं ज़िंदगी में,
हम ही हैं
जो परदे गिरा लेते हैं…
4.
मैंने धूप के मोती
समेटने चाहे,
वो हँसकर बोले
“हमें जीया जाता है, रखा नहीं…”
5.
धूप के मोती
छाँव में नहीं मिलते,
थोड़ा जलना पड़ता है
उजाला पाने के लिए…
6.
हर सुबह
कुछ धूप के मोती लाती है,
जो पहचान ले
उसका दिन रोशन हो जाता है
मुकेश ,,,,
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