होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Thursday, 10 October 2013

क़ाफिला तो क़ाफिला था कब तक रुका रहता ??

क़ाफिला तो क़ाफिला था कब तक रुका रहता ??
गुजरा तो था तेरे कूचे से तेरी ही जुस्तजूं मे !!!!!!
मुकेश इलाहाबादी ------------------------------------

No comments:

Post a Comment