होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Friday, 18 October 2013

कौन कमबख्त है जो रोज़ रोज़ पीना चाहे है,,,


कौन कमबख्त है जो रोज़ रोज़ पीना चाहे है,,, 
वो तो तेरी आखें हैं, जो  पीने को मजबूर करे है 
मुकेश इलाहाबादी ---------------------------------

No comments:

Post a Comment