होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Monday, 15 September 2014

यूँ तो हम बैठे थे घर पे अपनी मस्ती में मुकेश

यूँ तो हम बैठे थे घर पे अपनी मस्ती में मुकेश
देखा जो तुझे कारवां में तो साथ हम भी हो लिए
मुकेश इलाहाबादी -----------------------------------

No comments:

Post a Comment