चलो चराग़ जलाया जाए

चलो चराग़ जलाया जाए
अँधेरा  दूर  भगाया जाए

लोग बैठे हैं उदास घरों में
चलो  उन्हें  हंसाया  जाए

कुछ देर बाहर चलते  हैं
मेल जोल - बढ़ाया जाए

यहां बहुत दहशत गर्दी है
दूसरा शहर बसाया जाए

कब तक मुकेश को सुने
आज उसे सुनाया जाए

मुकेश इलाहाबादी --------------------



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