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Sunday, 13 August 2017

लाल हरी नारंगी देखा

लाल  हरी  नारंगी  देखा
दुनिया रंग बिरंगी देखा

सत्ता औ पैसा वालों को
अक्सर बडा घमंडी देखा

फूल सी कोमल नारी को
भी हमने बनते चंडी देखा

देखा हमने बडे बडों को
सबकी चाल दुरंगी देखा

सात सुरों से सजा धजा
जिस्म बना सारंगी देखा  


मुकेश इलाहाबादी ----